बाजार की मांग, अपनी रुचि और कौशल के आधार पर एक बिजनेस आइडिया चुनें।
अपने लक्षित ग्राहकों, प्रतिस्पर्धियों और बाजार के रुझानों का अध्ययन करें। यह आपके आइडिया की व्यवहार्यता को समझने में मदद करता है।
एक विस्तृत बिजनेस प्लान बनाएं जिसमें लक्ष्य, रणनीति, बजट और राजस्व मॉडल शामिल हों। यह निवेशकों को आकर्षित करने में मदद करता है।
एक आकर्षक और यादगार नाम चुनें जो आपके ब्रांड को दर्शाए। सुनिश्चित करें कि डोमेन नाम और ट्रेडमार्क उपलब्ध हों।
अपने स्टार्टअप को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, LLP या सोल प्रोप्राइटरशिप के रूप में MCA के तहत पंजीकृत करें। GST और PAN भी प्राप्त करें।
बूटस्ट्रैपिंग, एंजेल निवेशकों, वेंचर कैपिटल या क्राउडफंडिंग जैसे फंडिंग विकल्पों का पता लगाएँ।
स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना या अन्य सरकारी सब्सिडी का उपयोग करें। इनसे वित्तीय और नीतिगत सहायता मिलती है।
अपने स्टार्टअप के लिए कुशल और प्रेरित लोगों की भर्ती करें। एक मजबूत टीम सफलता की कुंजी है।
एक वेबसाइट बनाएँ, सोशल मीडिया पर सक्रिय रहें और डिजिटल मार्केटिंग रणनीतियाँ अपनाएँ।
अपने उत्पाद या सेवा को बाजार में लॉन्च करें। ग्राहक फीडबैक लें और निरंतर सुधार करें।