GST 2.0 : स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का बड़ा एलान, इससे क्या होगा सस्ता, क्या महंगा?

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Written by : Mahaveer Saini

Published on : Sunday, 17 August, 2025 | 4 : Min

GST Council Meeting

GST 2.0 : 15 अगस्त 2025 को, जब पूरा देश 79वें स्वतंत्रता दिवस का उत्सव मना रहा था, लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने ‘GST 2.0’ के रूप में अगली पीढ़ी के टैक्स सुधारों की शुरुआत का ऐलान किया, जिसे उन्होंने “दिवाली का तोहफा” बताया। यह घोषणा न केवल व्यापारियों और उद्योगों के लिए, बल्कि आम जनता के लिए भी एक सुखद खबर लेकर आई।

इसे दिवाली गिफ्ट भी कहा जा रहा है। आने वाली जीएसटी बैठक जो की सितंबर 2025 को होने जा रही है उस बैठक में सरकार द्वारा यह नयी जीएसटी व्यवस्था लागू की जा सकती है। इसके मुताबिक अभी तक जो अभी तक जो चार टैक्स स्लैबस 5% 12% 18% और 28% थी वो सुधार के बाद दो स्लैबस रह जाएगी जो की 5% और 18% रहेंगी| आखिर यह GST 2.0 है क्या, और यह हमारी जिंदगी को कैसे आसान बनाएगा? आइए, इसे सरल शब्दों में समझते हैं।

GST 2.0: नए बदलाव की पूरी जानकारी

2017 में शुरू हुआ वस्तु एवं सेवा कर (GST) भारत की टैक्स प्रणाली में एक क्रांति लाया था। लेकिन आठ साल बाद, सरकार ने महसूस किया कि इस प्रणाली में और सुधार की जरूरत है। GST 2.0 इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। मौजूदा चार टैक्स स्लैब (5%, 12%, 18%, और 28%) को कम करके अब सिर्फ दो स्लैब – 5% और 18% – करने की योजना है। इसके अलावा, कुछ खास वस्तुओं जैसे शराब और तंबाकू पर 40% का टैक्स यथावत रहेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हम चाहते हैं कि टैक्स प्रणाली सरल हो, पारदर्शी हो, और यह न तो व्यापारियों के लिए बोझ हो और न ही आम जनता के लिए परेशानी।” इस बदलाव का लक्ष्य है टैक्स से जुड़े विवादों को कम करना, कर चोरी को रोकना, और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजों को सस्ता करना।

GST 2.0: बड़े बदलाव और उनके लाभ

1. टैक्स स्लैब में कमी

GST 2.0 का सबसे बड़ा बदलाव है टैक्स स्लैब को चार से घटाकर दो करना। इससे न केवल टैक्स गणना आसान होगी, बल्कि वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में भी कमी आएगी। उदाहरण के लिए:

  • रोजमर्रा की चीजें जैसे दूध, दाल, साबुन, और बिस्किट अब 5% के टैक्स स्लैब में आएंगे, जिससे रसोई का खर्च कम होगा।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज जैसे टीवी, मोबाइल, और एसी, जो पहले 28% टैक्स स्लैब में थे, अब 18% में आएंगे। इससे ये उत्पाद सस्ते होंगे।

2. व्यापारियों के लिए राहत

छोटे और मध्यम व्यापारियों (MSMEs) के लिए GST 2.0 एक वरदान साबित हो सकता है। कम स्लैब का मतलब है कम कागजी कार्रवाई और आसान अनुपालन। इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर (जहां कच्चे माल पर ज्यादा टैक्स और तैयार उत्पाद पर कम टैक्स लगता है) की समस्या को भी ठीक किया जाएगा। इससे व्यापारियों को रिफंड जल्दी मिलेगा और उनका कारोबार बढ़ेगा।

3. बीमा और स्वास्थ्य सेवाओं में राहत

लंबे समय से बीमा सेक्टर में GST को 18% से घटाकर 5% करने की मांग थी। GST 2.0 के तहत इस पर विचार किया जा रहा है। अगर यह लागू हुआ, तो स्वास्थ्य और जीवन बीमा सस्ता होगा, जिससे ज्यादा लोग बीमा ले सकेंगे। इससे न केवल आम लोगों को फायदा होगा, बल्कि सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं का बोझ भी कम होगा।

4. पारदर्शिता और कम विवाद

GST लागू होने के बाद से खाद्य वस्तुओं जैसे बिस्किट, पनीर, और नमकीन पर टैक्स दरों को लेकर कई विवाद हुए। GST 2.0 में टैक्स वर्गीकरण को और स्पष्ट करने की योजना है, ताकि कोर्ट केस और विभागीय नोटिस कम हों।

नए नियम से उपभोक्ताओं को क्या मिलेगा फायदा?

GST 2.0 का सबसे बड़ा फायदा आम जनता को होगा। रोजमर्रा की चीजें सस्ती होने से मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग की बचत बढ़ेगी। उदाहरण के लिए, अगर आप हर महीने 500 रुपये की बिस्किट या स्नैक्स खरीदते हैं, तो टैक्स कम होने से आपकी जेब में 50-100 रुपये की बचत हो सकती है।

इसके अलावा, रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टरों में भी टैक्स कम होने की उम्मीद है। इससे घर और गाड़ी खरीदना आसान हो सकता है। पर्यटन और होटल उद्योग को भी राहत मिलने की संभावना है, जिससे आपकी छुट्टियों का खर्च कम होगा। जीएसटी GST 2.0 के बाद सीधे तौर पर कहें तो जिन वस्तुओं पर 12% जीएसटी दर थी वो वस्तुएं 7% तक सस्ती हो जाएंगी इसी प्रकार जो वस्तुएं 28% के दायरे में थीं वो वस्तु है 10% का सस्ती हो जाएगी|

जैसे कि मक्खन क्रूड जूस ड्राई फ्रूट्स जैसी 90% वस्तुएं 5% के दायरे में आने से 7% तक सस्ती हो जाएँगी एवम सीमेंट एसी वाशिंग मशीन फ्रिज जैसी 90% वस्तुएं जो 18% स्लैब मे आती वो सभी वस्तुए इस प्रकार से 10% तक सस्ती हो जाएगी।

भविष्य की राह: एक देश, एक टैक्स

GST 2.0 को सरकार ‘एक देश, एक टैक्स’ के सपने की ओर एक कदम मान रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उद्योग जगत के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं, और GST काउंसिल की बैठक में इन सुधारों को अंतिम रूप दिया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य 2047 तक एकल टैक्स स्लैब की ओर बढ़ना है, जो भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने में मदद करेगा। इसी दिशा में दो सिलेब लाना एक तरह से केंद्र सरकार का पहला कदम है| सरकार द्वारा जीएसटी रिपोर्ट का प्रस्ताव अन्य राज्यों के पास भेजा गया है जो इस प्रस्ताव का अध्ययन कर कर सरकार के समक्ष अपनी बात रखेंगे |

दिवाली का असली तोहफा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की GST 2.0 की घोषणा न केवल टैक्स प्रणाली को सरल बनाएगी, बल्कि यह आम जनता, व्यापारियों, और अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा कदम है। यह सुधार न केवल आपकी जेब को राहत देगा, बल्कि भारत को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ का एक बेहतरीन मॉडल भी बनाएगा। इस दिवाली, GST 2.0 के साथ एक नया आर्थिक युग शुरू होने वाला है।

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Mahaveer Saini

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