Adani Power Stock Split 1:5 : हेलो दोस्तों! अगर आप शेयर मार्केट के दीवाने हैं या अडानी पावर के शेयरों पर नजर रखते हैं, तो आपके लिए एक ताजा और बड़ी खबर है। अडानी पावर लिमिटेड ने हाल ही में अपने शेयरधारकों से 1:5 के अनुपात में स्टॉक स्प्लिट को मंजूरी ले ली है, और ये फैसला पूरी तरह ई-वोटिंग के जरिए हुआ। ये खबर उन निवेशकों के लिए खास है जो इस कंपनी में निवेश की सोच रहे हैं या पहले से इसके शेयर होल्ड कर रहे हैं। आइए, इसे आसान भाषा में समझते हैं और देखते हैं कि ये आपके लिए क्यों मायने रखता है।
Adani Power Stock Split का मतलब क्या है?
सोचिए, आपके पास एक बड़ा पिज्जा है, जिसे आप छोटे-छोटे टुकड़ों में काटते हैं ताकि ज्यादा लोग उसे खा सकें। स्टॉक स्प्लिट भी कुछ ऐसा ही है। अडानी पावर ने फैसला किया है कि उनके हर एक शेयर, जिसका अंकित मूल्य अभी 10 रुपये है, उसे पांच शेयरों में बांट दिया जाए, जिनमें प्रत्येक का अंकित मूल्य 2 रुपये होगा। इससे कंपनी के शेयरों की कुल संख्या 2,480 करोड़ से बढ़कर 12,400 करोड़ हो जाएगी। लेकिन, कंपनी की कुल पूंजी (कैपिटल) में कोई बदलाव नहीं होगा।
अडानी पावर स्टॉक स्प्लिट का उद्देश्य
Adani Power Stock Split के पीछे कंपनी का उद्देश्य साफ है:
- शेयर को किफायती बनाना: कम अंकित मूल्य से शेयर की कीमत घटेगी, जिससे छोटे और रिटेल निवेशकों के लिए इसे खरीदना आसान होगा।
- लिक्विडिटी बढ़ाना: ज्यादा शेयर होने से मार्केट में खरीद-बिक्री आसान होगी।
- नए निवेशकों को आकर्षित करना: सस्ते शेयर ज्यादा लोगों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
- पहली बार स्टॉक स्प्लिट: अडानी पावर ने पहले कभी बोनस शेयर या स्टॉक स्प्लिट जैसे कदम नहीं उठाए, तो ये कंपनी के लिए बड़ा फैसला है।
ई-वोटिंग की प्रक्रिया
इस स्टॉक स्प्लिट को मंजूरी देने के लिए कंपनी ने पोस्टल बैलट के जरिए ई-वोटिंग का सहारा लिया। ये प्रक्रिया 6 अगस्त 2025 को सुबह 9 बजे शुरू हुई और 4 सितंबर 2025 को शाम 5 बजे खत्म हुई। जिन निवेशकों का नाम 1 अगस्त 2025 तक कंपनी के रजिस्टर में था, उन्हें वोटिंग का मौका मिला। नतीजा? शेयरधारकों ने भारी बहुमत से इस प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई। अब कंपनी का बोर्ड या उसकी समिति जल्द ही रिकॉर्ड डेट तय करेगी, जिसके बाद ये स्प्लिट लागू होगा।
निवेशकों के लिए क्या बदलेगा?
अब बात करते हैं कि ये Adani Power Stock Split आपके लिए क्या मायने रखता है। अगर आप अडानी पावर के शेयरहोल्डर हैं, तो:
- शेयरों की संख्या बढ़ेगी: आपके पास हर एक शेयर के बदले पांच शेयर होंगे।
- कीमत कम होगी: मान लो, आपके पास 100 शेयर हैं, जिनकी कीमत 600 रुपये प्रति शेयर है। स्प्लिट के बाद आपके पास 500 शेयर होंगे, लेकिन कीमत करीब 120 रुपये प्रति शेयर हो जाएगी।
- वैल्यू वही रहेगी: आपके निवेश की कुल वैल्यू में कोई बदलाव नहीं होगा।
- अधिक लिक्विडिटी: शेयरों की बिक्री और खरीद आसान होगी।
रिटेल निवेशकों के लिए ये एक शानदार मौका है, क्योंकि सस्ते शेयर खरीदना आसान होगा। लेकिन, याद रखें कि स्टॉक स्प्लिट से कंपनी का बुनियादी मूल्य (फंडामेंटल्स) नहीं बदलता। इसलिए, निवेश से पहले कंपनी के प्रदर्शन और मार्केट के रुझान जरूर चेक करें।
मार्केट पर असर
5 सितंबर 2025 को इस खबर के बाद अडानी पावर के शेयर बीएसई पर 0.80% की गिरावट के साथ 603.65 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे। दिन में शेयर ने 609.90 रुपये का हाई और 601.80 रुपये का लो देखा। पिछले एक साल में शेयर की कीमत 432 रुपये के निचले स्तर से लेकर 681.55 रुपये के उच्च स्तर तक रही। कंपनी की मार्केट कैपिटलाइजेशन 2.33 लाख करोड़ रुपये है, और इसका P/E अनुपात 18.72 है।
अडानी पावर का बिजनेस और हालिया प्रदर्शन
1996 में शुरू हुई और 2009 में शेयर मार्केट में लिस्टेड अडानी पावर भारत की सबसे बड़ी निजी बिजली उत्पादक कंपनियों में से एक है। ये कोयला और गैस आधारित पावर प्लांट्स चलाती है और रिन्यूएबल एनर्जी की दिशा में भी बढ़ रही है। हालांकि, जून 2025 की तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 15.5% घटकर 3,305 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 3,913 करोड़ रुपये था। इसकी वजह मर्चेंट टैरिफ में कमी और अधिग्रहण के बाद बढ़े खर्चे थे। फिर भी, कंपनी का रेवेन्यू और बिजनेस बेस मजबूत है।
अडानी पावर का ये स्टॉक स्प्लिट छोटे निवेशकों के लिए एक बड़ा मौका लेकर आया है। सस्ते शेयर और बढ़ी हुई लिक्विडिटी से मार्केट में रुचि बढ़ सकती है। लेकिन, निवेश करने से पहले मार्केट के रुझान, कंपनी के फाइनेंशियल्स, और रिकॉर्ड डेट पर नजर रखें। अगर आप इस स्टॉक को लेकर उत्साहित हैं, तो अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से बात करें और स्मार्ट निवेश का फैसला लें।
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