विक्रम सोलर लिमिटेड, अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के साथ शेयर बाजार में कदम रखने को तैयार है। Vikram Solar IPO भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से मंजूरी मिलने के बाद भारत की सौर ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी Vikram Solar Ltd. निवेशकों के लिए सौर ऊर्जा क्षेत्र में निवेश का एक आकर्षक अवसर लेकर आया है। कंपनी 1,500 करोड़ रुपये के ताजा शेयर और 1.74 करोड़ इक्विटी शेयरों के ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए कुल 2,079.37 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। यह लेख IPO के विवरण, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP), रजिस्ट्रार, और निवेशकों के लिए इसके महत्व पर प्रकाश डालता है।
Vikram Solar IPO : एक अवलोकन
2005 में कोलकाता में स्थापित, विक्रम सोलर भारत की सबसे बड़ी सौर फोटोवोल्टैक (PV) मॉड्यूल निर्माता कंपनियों में से एक है। कंपनी उच्च दक्षता वाले सौर PV मॉड्यूल बनाती है और इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, और कंस्ट्रक्शन (EPC) सेवाओं के साथ-साथ ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) सेवाएं भी प्रदान करती है। इसकी उत्पादन इकाइयां कोलकाता के फाल्टा SEZ और चेन्नई के ओरागडम में हैं, जिनकी कुल क्षमता 3.5 गीगावाट है।
कंपनी का नेटवर्क भारत के 23 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में फैला है, जिसमें 41 अधिकृत वितरक, 64 डीलर, और 67 सिस्टम इंटीग्रेटर शामिल हैं। वैश्विक स्तर पर, विक्रम सोलर ने अमेरिका और चीन में कार्यालय स्थापित किए हैं और 39 देशों में सौर मॉड्यूल की आपूर्ति की है।
Vikram Solar IPO Date, Price, GMP और प्रमुख विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| Opening Date | 19 अगस्त, 2025 |
| Closing Date | 21 अगस्त, 2025 |
| Allotment Date | 22 अगस्त, 2025 |
| Listing Date | 26 अगस्त, 2025 (NSE और BSE पर) |
| Price Band | 315-332 रुपये प्रति शेयर |
| Lot Size | 45 शेयर (न्यूनतम निवेश 14,940 रुपये) |
| GMP (Grey Market Premium) | 68-70 रुपये प्रति शेयर (20-21% की संभावित वृद्धि) |
| Registrar | MUFG इंटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (लिंक इंटाइम इंडिया) |
IPO में 50% शेयर योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB), 15% गैर-संस्थागत निवेशकों (NII), और 35% रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित हैं। कर्मचारियों के लिए 100 मिलियन रुपये तक के शेयर भी आरक्षित हैं।
Vikram Solar IPO का पैसा कहां जाएगा?
IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए किया जाएगा:
- उत्पादन विस्तार: तमिलनाडु में VSL ग्रीन पावर प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से 3,000 MW की एकीकृत सौर सेल और मॉड्यूल विनिर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए पूंजीगत व्यय।
- दूसरे चरण का विस्तार: पहले चरण की सौर मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता को 3,000 MW से बढ़ाकर 6,000 MW करना।
- सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्य: कंपनी की परिचालन और रणनीतिक जरूरतों को पूरा करना।
निवेशकों के लिए टॉप 5 आकर्षण
विक्रम सोलर IPO कई कारणों से निवेशकों के लिए आकर्षक है:
- सौर ऊर्जा क्षेत्र की वृद्धि: भारत सरकार की 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य के साथ, सौर ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से वृद्धि की उम्मीद है।
- कंपनी की मजबूती: 17 वर्षों के अनुभव, मजबूत वितरण नेटवर्क, और वैश्विक उपस्थिति के साथ विक्रम सोलर एक विश्वसनीय ब्रांड है।
- वित्तीय प्रदर्शन: वित्तीय वर्ष 2025 में कंपनी ने 3,459.53 करोड़ रुपये का राजस्व और 139.83 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।
- पर्यावरणीय योगदान: सौर ऊर्जा में निवेश न केवल वित्तीय लाभ देता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देता है।
जोखिम कारक
किसी भी IPO की तरह, विक्रम सोलर IPO में भी कुछ जोखिम हैं:
- बाजार जोखिम: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव से IPO का प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है।
- प्रतिस्पर्धा: सौर ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल सकती है।
- नियामक परिवर्तन: सरकारी नीतियों में बदलाव से कंपनी की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
विक्रम सोलर IPO सौर ऊर्जा क्षेत्र में निवेश का एक शानदार अवसर है। 19-21 अगस्त, 2025 को खुलने वाला यह IPO, 68-70 रुपये के GMP के साथ मजबूत लिस्टिंग की संभावना दर्शाता है। कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति, विस्तार योजनाएं, और भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के साथ तालमेल इसे दीर्घकालिक निवेशकों के लिए आकर्षक बनाता है। हालांकि, निवेश से पहले सभी जोखिमों का मूल्यांकन जरूरी है।
क्या आप इस IPO में निवेश की योजना बना रहे हैं? अपने विचार साझा करें और सौर ऊर्जा के भविष्य का हिस्सा बनें!
यह भी पढे : IRDAI Fined Policybazaar : 5 करोड़ का जुर्माना क्यों लगा ? जाने पूरी जानकारी