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Tata Capital IPO Expected Date 6 अक्टूबर, 8 तक खुला रहेगा आईपीओ Issue

Tata Capital IPO

Tata Capital IPO Expected Date in October : जब बात टाटा ग्रुप की हो, तो हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। इस ग्रुप ने न सिर्फ उद्योगों को नई दिशा दी, बल्कि हर बार कुछ ऐसा किया जो इतिहास बन गया। अब टाटा कैपिटल, इस ग्रुप का फाइनेंशियल रत्न, एक बार फिर सुर्खियों में है। कैसे? अपने बहुप्रतीक्षित $2 बिलियन (लगभग ₹17,000 करोड़) के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के साथ, जो 6 अक्टूबर 2025 को मार्केट में दस्तक देने वाला है। आइए, इस IPO की कहानी को थोड़ा करीब से जानें।

Tata Capital IPO Expected Date : कब, कैसे और क्यों?

टाटा कैपिटल, टाटा ग्रुप की नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC), इस साल अक्टूबर में Tata Capital IPO के जरिए ₹17,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। न्यूज18 और ब्लूमबर्ग की हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सितंबर 2025 की डेडलाइन को कुछ हफ्तों के लिए बढ़ाने की मंजूरी दी है। इसका मतलब? टाटा कैपिटल को अपने रोडशोज और इनवेस्टर मीटिंग्स को और पुख्ता करने का समय मिल गया। ये IPO 21 करोड़ इक्विटी शेयरों की फ्रेश इश्यू और 26.58 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) का मिश्रण होगा, यानी कुल 47.58 करोड़ शेयर। टाटा संस, जो 88.6% हिस्सेदारी रखता है, 23 करोड़ शेयर बेचेगा, जबकि इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IFC) 3.58 करोड़ शेयर ऑफलोड करेगा।

क्या यह खास बनाता है? बिल्कुल! यह IPO भारत का सबसे बड़ा फाइनेंशियल सेक्टर IPO बन सकता है, जो पिछले साल हुंडई मोटर इंडिया के $3.3 बिलियन IPO के बाद दूसरा सबसे बड़ा होगा। वैल्यूएशन? $18 बिलियन (लगभग ₹1.5 लाख करोड़), जो अप्रैल 2025 में फाइल की गई ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में बताए गए $11 बिलियन से कहीं ज्यादा है।

Tata Capital फाइनेंशियल

टाटा कैपिटल की फाइनेंशियल परफॉर्मेंस इस IPO को और चमकदार बनाती है। FY26 की पहली तिमाही में कंपनी ने ₹1,041 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया, जो पिछले साल की तुलना में दोगुना है। टोटल इनकम भी ₹6,557 करोड़ से बढ़कर ₹7,692 करोड़ हो गई। मार्च 2025 की तिमाही में रेवेन्यू 50% बढ़कर ₹7,478 करोड़ और प्रॉफिट 31% बढ़कर ₹1,000 करोड़ रहा। ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी कितनी मजबूत नींव पर खड़ी है। इस IPO से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल टियर-1 कैपिटल को बढ़ाने और लेंडिंग ग्रोथ को बूस्ट करने में होगा, जो कंपनी को और ज्यादा कस्टमर्स तक पहुंचाएगा।

लेकिन मार्केट में थोड़ा ट्विस्ट भी है। प्री-IPO मार्केट में टाटा कैपिटल के शेयर ₹750-775 के बीच ट्रेड कर रहे हैं, जो उनके पीक प्राइस ₹1,100 से 30% कम है। इसका मतलब IPO शायद डिस्काउंट पर आएगा, जो रिटेल इनवेस्टर्स के लिए सुनहरा मौका हो सकता है।

ग्रीन फाइनेंस: टाटा कैपिटल का ट्रम्प कार्ड

टाटा कैपिटल सिर्फ लोन्स और इनवेस्टमेंट्स तक सीमित नहीं। इसने ग्रीन फाइनेंस में भी अपनी धाक जमाई है। FY25 में इसका क्लीनटेक लोन बुक ₹18,000 करोड़ को पार कर गया, जो FY23 में ₹10,400 करोड़ था। रोडशोज में कंपनी ने अपने रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो को खूब हाइलाइट किया, जो भारत के नेट-जीरो 2070 टारगेट के साथ पूरी तरह अलाइन करता है। ग्लोबल इनवेस्टर्स, खासकर हॉन्गकॉन्ग, सिंगापुर, लंदन और न्यूयॉर्क में, इस सस्टेनेबल अप्रोच से काफी प्रभावित हैं। टाटा कैपिटल का लो नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) रेट और इंटरनेशनल क्लाइमेट फाइनेंसिंग से रिश्ते इसे और भरोसेमंद बनाते हैं।

इनवेस्टर्स के लिए क्या है खास?

हर चमकती चीज सोना नहीं होती। टाटा कैपिटल का IPO भी कुछ रिस्क्स के साथ आता है। NBFC सेक्टर में डिफॉल्ट और रेगुलेटरी रिस्क्स हमेशा बने रहते हैं। प्री-IPO मार्केट में शेयर प्राइस का 30% गिरना भी कुछ इनवेस्टर्स को सोच में डाल सकता है। साथ ही, मार्केट वोलेटिलिटी और LG इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अन्य बड़े IPOs के साथ कॉम्पिटिशन इसे टफ बना सकता है। लेकिन टाटा की ब्रांड वैल्यू और मजबूत फाइनेंशियल्स इसे एक सेफ बेट बनाते हैं।

टाटा कैपिटल का IPO सिर्फ एक फाइनेंशियल इवेंट नहीं, बल्कि भारत के ग्रोथ स्टोरी का हिस्सा है। यह उन इनवेस्टर्स के लिए सुनहरा मौका है जो एक ऐसी कंपनी में निवेश करना चाहते हैं जो ट्रस्ट, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी का परफेक्ट मिक्स है। चाहे आप रिटेल इनवेस्टर हों या बड़ा फंड, यह IPO आपके पोर्टफोलियो को नई चमक दे सकता है। तो, तैयार हो जाइए – टाटा कैपिटल का यह मेगा IPO आपके सपनों को नई उड़ान देने वाला है!

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