भारत के सबसे बड़े डिपॉजिटरी, National Securities Depository Limited (NSDL) ने अपने NSDL IPO के साथ निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर लाया है। 30 जुलाई से 1 अगस्त 2025 तक खुला यह IPO ₹4011.60 करोड़ का है, जिसमें 5.01 करोड़ इक्विटी शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। यह IPO BSE और NSE पर 6 अगस्त 2025 को लिस्ट होने वाला है। अगर आप सोच रहे हैं कि NSDL IPO में निवेश कैसे करें और यह आपके लिए सही है या नहीं, तो यह लेख आपके लिए है। आइए जानते हैं NSDL क्या है, इस IPO की खासियतें, और निवेश के टिप्स।
NSDL क्या है?
NSDL भारत का पहला और सबसे बड़ा डिपॉजिटरी है, जो 1996 में स्थापित हुआ। यह SEBI द्वारा रजिस्टर्ड मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशन (MII) है, जो डीमैट खातों के जरिए शेयर, बॉन्ड्स, ETF, और म्यूचुअल फंड्स को डिजिटल रूप में स्टोर और मैनेज करता है।
- वित्तीय प्रदर्शन: 2025 में NSDL का रेवेन्यू ₹1535.19 करोड़ और प्रॉफिट ₹343.12 करोड़ रहा, जो 2024 के मुकाबले क्रमशः ₹1365.71 करोड़ और ₹275.45 करोड़ से ज्यादा है।
- महत्वपूर्ण आंकड़े: मार्च 2025 तक NSDL के पास 3.94 करोड़ से ज्यादा एक्टिव डीमैट खाते हैं, जो भारत के 99.34% पिन कोड्स और 194 देशों में फैले हैं।
- सेवाएं: डीमैट खातों के अलावा, NSDL ई-वोटिंग, कॉरपोरेट एक्शन, और ब्लॉकचेन-बेस्ड सिक्योरिटी मॉनिटरिंग जैसी सेवाएं देता है।
NSDL IPO की मुख्य बातें
- इश्यू साइज: ₹4011.60 करोड़, पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS)।
- प्राइस बैंड: ₹760-₹800 प्रति शेयर।
- लॉट साइज: 18 शेयर (रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश ₹13,680)।
- खुलने और बंद होने की तारीख: 30 जुलाई से 1 अगस्त 2025।
- एलॉटमेंट तारीख: 4 अगस्त 2025।
- लिस्टिंग तारीख: 6 अगस्त 2025 (BSE और NSE पर)।
- प्रमुख शेयरहोल्डर्स: IDBI Bank, NSE, SBI, HDFC Bank, और Union Bank of India अपने शेयर बेच रहे हैं।
- बुक रनिंग लीड मैनेजर्स: ICICI Securities, Axis Capital, Motilal Oswal, HSBC, SBI Capital, और IDBI Capital।
NSDL IPO में निवेश क्यों करें?
- स्थिर आय का स्रोत: NSDL की आय का बड़ा हिस्सा एनुअल कस्टडी फीस, ट्रांजैक्शन फीस, और डीमैट खातों की मेंटेनेंस फीस से आता है, जो इसे स्थिर रेवेन्यू मॉडल देता है।
- बाजार में अग्रणी: NSDL भारत में डीमैट खातों, इश्यूअर्स, और सेटलमेंट वॉल्यूम में सबसे बड़ा डिपॉजिटरी है, जो इसे मजबूत मार्केट पोजीशन देता है।
- विकास की संभावना: डिजिटल इंवेस्टिंग और रिटेल भागीदारी बढ़ने से NSDL की ग्रोथ की संभावना और बढ़ रही है। हाल के ट्रेंड्स में डीमैट खातों की संख्या 21.94% CAGR से बढ़ी है।
- लिस्टिंग बेनिफिट्स: IPO से NSDL की ब्रांड वैल्यू और शेयरों की लिक्विडिटी बढ़ेगी, जो निवेशकों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
NSDL IPO में जोखिम की संभावनाएं
- मार्केट डिपेंडेंसी: NSDL की आय ट्रांजैक्शन वॉल्यूम पर निर्भर करती है, जो शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित हो सकती है।
- कॉम्पिटिशन: CDSL जैसे अन्य डिपॉजिटरी से प्रतिस्पर्धा। CDSL का RoNW और NAV प्रति शेयर NSDL से बेहतर है, जो इसकी मजबूत मार्केट पोजीशन दिखाता है।
- टेक्नोलॉजी रिस्क: अगर NSDL नई तकनीकों को अपनाने में पीछे रहता है, तो इसका बिजनेस प्रभावित हो सकता है।
NSDL IPO में निवेशकों के लिए टिप्स
- लॉन्ग-टर्म निवेश: NSDL के मजबूत फंडामेंटल्स और स्थिर आय मॉडल को देखते हुए, लॉन्ग-टर्म निवेशक इस IPO पर विचार कर सकते हैं।
- मल्टीपल डीमैट अकाउंट्स: एलॉटमेंट की संभावना बढ़ाने के लिए अलग-अलग डीमैट खातों से आवेदन करें।
- आवेदन प्रक्रिया: अपने ब्रोकर (जैसे 5paisa, Zerodha, Angel One) के जरिए UPI या ASBA का उपयोग करके ऑनलाइन आवेदन करें।
- वित्तीय सलाह लें: IPO में निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें, खासकर अगर आप रिटेल निवेशक हैं।
निष्कर्ष
NSDL IPO 2025 भारत के फाइनेंशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश का एक अनूठा अवसर है। कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति, मार्केट लीडरशिप, और डिजिटल इंवेस्टिंग के बढ़ते ट्रेंड इसे आकर्षक बनाते हैं। हालांकि, मार्केट वोलैटिलिटी और कॉम्पिटिशन जैसे जोखिमों को भी ध्यान में रखें। अगर आप NSDL IPO में निवेश करना चाहते हैं, तो जल्दी से अपने डीमैट खाते के जरिए आवेदन करें और इस ग्रोथ स्टोरी का हिस्सा बनें!
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