क्या है माजरा?
Income Tax Bill 2025 : भारत सरकार ने 8 अगस्त 2025 को एक बड़ा फैसला लेते हुए इनकम टैक्स बिल 2025 को लोकसभा से वापस ले लिया। यह बिल, जो पुराने 1961 के इनकम टैक्स एक्ट को बदलने के लिए फरवरी में पेश किया गया था, अब नए रूप में 11 अगस्त, सोमवार को संसद में लाया जाएगा। इस बदलाव का मकसद टैक्स नियमों को और आसान, स्पष्ट और करदाताओं के लिए अनुकूल बनाना है।
क्यों लिया गया Income Tax Bill 2025 वापस?
इस बिल को वापस लेने का कारण सेलेक्ट कमेटी और अन्य स्रोतों से मिले सुझावों को शामिल करना है। सेलेक्ट कमेटी, जिसकी अध्यक्षता बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा ने की, ने 285 सुझाव दिए। इनमें से कई सुझाव छोटे-मोटे सुधारों से लेकर कुछ बड़े बदलावों तक शामिल हैं। सरकार का कहना है कि पुराने बिल में कुछ गलतियां थीं, जैसे कि ड्राफ्टिंग में त्रुटियां, नियमों का सही तालमेल न होना और कुछ शब्दों का गलत इस्तेमाल। इन सभी को ठीक करने के लिए नया बिल लाया जा रहा है, ताकि करदाताओं को किसी तरह की भ्रम की स्थिति न झेलनी पड़े।
नए बिल में क्या होगा खास?
नया इनकम टैक्स बिल पुराने Income Tax Bill 2025 कानून को सरल बनाने पर केंद्रित है। सरकार का दावा है कि यह बिल छोटे व्यवसायियों और मध्यम वर्ग के लिए खासतौर पर फायदेमंद होगा। कुछ मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:
- कम जुर्माना और कम विवाद: बिल में कम जुर्माने और “पहले भरोसा, फिर जांच” की नीति अपनाई जाएगी, जिससे टैक्स से जुड़े विवाद कम हों।
- स्पष्ट और आसान भाषा: नया बिल पुराने कानून की तुलना में 50% छोटा होगा, जिससे इसे समझना आसान होगा। जटिल शब्दों और नियमों को हटाकर इसे सामान्य करदाता के लिए अनुकूल बनाया जाएगा।
- करदाताओं के लिए राहत: सेलेक्ट कमेटी ने सुझाव दिया है कि गैर-लाभकारी संगठनों को मिलने वाले गुमनाम दान पर टैक्स छूट जारी रहे। साथ ही, टीडीएस रिफंड को बिना जुर्माने के बाद में भी क्लेम करने की सुविधा मिल सकती है।
- संपत्ति कर में बदलाव: खाली पड़ी संपत्तियों पर टैक्स को लेकर पहले नियमों में अस्पष्टता थी। नए बिल में इसे ठीक कर स्पष्ट नियम बनाए जाएंगे, ताकि करदाताओं को अनुचित टैक्स न देना पड़े।
करदाताओं पर क्या होगा असर?
नया बिल मध्यम वर्ग और छोटे व्यवसायियों के लिए राहत लेकर आएगा। टैक्स स्लैब और दरों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन नियमों को सरल बनाने से करदाताओं को टैक्स फाइलिंग में आसानी होगी। साथ ही, डिजिटल निगरानी और “टैक्स वर्ष” की अवधारणा से वित्तीय और मूल्यांकन वर्ष के बीच का भ्रम भी कम होगा।
इनकम टैक्स बिल 2025 का नया संस्करण सरकार की उस मंशा को दर्शाता है, जिसमें वह टैक्स प्रणाली को और पारदर्शी, सरल और करदाता-अनुकूल बनाना चाहती है। 11 अगस्त को पेश होने वाले इस बिल से उम्मीद है कि टैक्स से जुड़ी जटिलताएं कम होंगी और आम नागरिकों को इसका लाभ मिलेगा।
यह भी पढे : IRDAI Fined Policybazaar : 5 करोड़ का जुर्माना क्यों लगा ? जाने पूरी जानकारी